ड्रग अलर्ट: देशभर में 103 दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरीं, हिमाचल की 38 दवाएं भी शामिल

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  • हिमाचल में बनीं 38 दवाओं समेत 103 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता परीक्षण में फेल

  • सरकार ने दोषी दवा कंपनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए, बाजार से दवाएं वापस मंगवाई जाएंगी

  • अस्थमा, बीपी, शुगर, गठिया, बुखार जैसी बीमारियों की कई दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरीं


Himachal Drug Quality Alert: मार्च माह में जारी ड्रग अलर्ट में देशभर में बनी 103 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता परीक्षण में फेल हो गए हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश में बनी 38 दवाएं भी शामिल हैं। सोलन, सिरमौर और ऊना जिलों में स्थित दवा कंपनियों के नमूने परीक्षण में मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिससे स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

सीडीएससीओ (सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन) द्वारा लिए गए सैंपल परीक्षण में सोलन की 24, सिरमौर की 13 और ऊना की 1 कंपनी की दवाएं फेल पाई गईं। इनमें एसिडिटी, अस्थमा, रक्तचाप, हृदय रोग, शुगर, बवासीर, गठिया, टॉन्सिल, संक्रमण, माइग्रेन, पोषण की कमी और अन्य बीमारियों की दवाएं शामिल हैं।

बद्दी, पांवटा साहिब और कालाअंब स्थित कई प्रमुख दवा कंपनियों की दवाएं परीक्षण में फेल हुईं। हेल्थ बायोटेक, एसबीएस बायोटेक, थ्रीबी हेल्थकेयर, विंग्स फार्मा और अन्य कंपनियों की दवाओं के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए। सरकार ने इन कंपनियों को नोटिस जारी करने और दोषी कंपनियों पर ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

हिमाचल प्रदेश ड्रग कंट्रोलर मनीष कपूर ने कहा कि दोषी कंपनियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी और बाजार से इन दवाओं का स्टॉक वापस मंगवाया जाएगा। राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए दवा कंपनियों पर सख्ती बरती जाएगी।